मैंने अब बात करना कम कर दिया है
क्यों की आवाजे अक्सर उलज जाती है
हर पहर पर जैसे कोई दस्तक हो
जो मैं समज नहीं पा रहा
फिर दुर्गा कवच ने सहारा दिया
आज मैं आपका किरतारथ (आभारी) हु
आप ने मुझे रास्ता दिया
गौरव ,नाभा
शुभ रात्रि
१०:३४
मंगलवार
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